काशीपुर। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का संकेत दिया है। पार्टी के उत्तराखंड प्रभारी अशोक सत्येंद्र सम्राट ने काशीपुर में पत्रकार वार्ता कर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और कहा कि गरीब, दलित, पिछड़े तथा वंचित वर्गों को उनके अधिकार दिलाने के लिए पार्टी लगातार संघर्ष कर रही है।

अशोक सत्येंद्र सम्राट ने कहा कि आजाद समाज पार्टी का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को समानता, सम्मान और न्याय दिलाना है। पार्टी संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाते हुए उन लोगों की आवाज उठाने का काम कर रही है, जो सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी समाजों के अधिकारों और हितों के लिए काम करने में विश्वास रखती है।
शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना
पत्रकार वार्ता में अशोक सत्येंद्र सम्राट ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के बढ़ते खर्च को आम जनता के सामने बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी अस्पतालों में इलाज महंगा होने और निजी शिक्षण संस्थानों की फीस बढ़ने से गरीब तथा मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।


उन्होंने कहा कि आज एक सामान्य परिवार के लिए बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना और गंभीर बीमारी की स्थिति में उपचार कराना आसान नहीं रह गया है। कई परिवारों को इलाज के खर्च के लिए अपनी बचत तक खर्च करनी पड़ती है। वहीं, निजी स्कूलों की फीस और अन्य खर्चों के कारण अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में अमीर और अधिक संपन्न हो रहे हैं, जबकि गरीब परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को आम जनता की पहुंच में लाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि आर्थिक तंगी किसी परिवार के भविष्य पर भारी न पड़े।
चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में सामाजिक न्याय की लड़ाई
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद का जिक्र करते हुए अशोक सत्येंद्र सम्राट ने कहा कि वह दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों को संसद सहित विभिन्न मंचों पर उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रयास है कि समाज के कमजोर वर्गों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए और उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया जाए।

उन्होंने कहा कि सामाजिक समानता केवल नारों से स्थापित नहीं हो सकती, बल्कि इसके लिए शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और अवसरों में समानता सुनिश्चित करना जरूरी है। पार्टी इन्हीं मुद्दों को लेकर जनता के बीच अपनी बात रखेगी।
तीन नवंबर को कुमाऊं दौरे पर आएंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष
पार्टी पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद तीन नवंबर को उत्तराखंड के कुमाऊं दौरे पर आएंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत उनके जसपुर, काशीपुर और बाजपुर विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचने तथा युवाओं को संबोधित करने की जानकारी दी गई है। पार्टी इस दौरे को संगठन विस्तार और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रही है।
पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को अभी से सक्रिय किया जा रहा है। विधानसभा स्तर पर बूथ कमेटियों और सेक्टर कमेटियों का गठन करने के साथ अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने की योजना है। पार्टी का लक्ष्य चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन तैयार करना और अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाकर देहरादून विधानसभा तक पहुंचाना है।
संगठन विस्तार पर पदाधिकारियों ने दिया जोर
पत्रकार वार्ता में उत्तराखंड प्रभारी अशोक सत्येंद्र सम्राट, प्रदेश अध्यक्ष लेखराज गौतम, जिला अध्यक्ष शाहनवाज अहमद और काशीपुर महानगर अध्यक्ष डॉ. एमए राहुल ने संगठन की आगामी रणनीति पर जोर दिया। पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनने और शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक समानता तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का आह्वान किया।
पार्टी नेताओं के अनुसार, आगामी चुनाव में मजबूत संगठन और युवाओं की भागीदारी अहम भूमिका निभाएगी। अब देखना होगा कि आजाद समाज पार्टी अपने मुद्दों और संगठन विस्तार के जरिए उत्तराखंड की राजनीति में कितनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा पाती है।
काशीपुर से राजनीतिक संकेत: 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आजाद समाज पार्टी ने सामाजिक न्याय, महंगी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को अपने प्रमुख मुद्दों के रूप में सामने रखा है। तीन नवंबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय अध्यक्ष के कुमाऊं दौरे से पार्टी को कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और क्षेत्र में अपना जनाधार बढ़ाने की उम्मीद है।
