…और बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत का इंतजार करते रहे गए गणेश गोदियाल

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प्रेस क्लब में सजी थी दो कुर्सियां लेकिन हेमंत नहीं आए

हेमंत ने दी थी सार्वजनिक बहस की चुनौती

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‘दानराशि गायब होने का जवाब दे भाजपा, कांग्रेस हर मंच पर बहस को तैयार’

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दानराशि में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सियासत लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी द्वारा दी गई सार्वजनिक बहस की चुनौती नया राजनीतिक मुद्दा बन गई।
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि चुनौती देने के बावजूद बीकेटीसी अध्यक्ष निर्धारित समय 12.30 बजे तक प्रेस क्लब नहीं पहुंचे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस तथ्यों और दस्तावेजों के साथ बहस के लिए मौजूद रही, लेकिन दूसरी कुर्सी खाली रह गई। इससे स्पष्ट है कि भाजपा और बीकेटीसी के पास बदरीनाथ चढ़ावा चोरी प्रकरण पर जनता के सवालों के जवाब नहीं हैं।
प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में गोदियाल ने कहा कि जो व्यक्ति सार्वजनिक रूप से बहस की चुनौती देता है और फिर निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होता, वह अपनी विश्वसनीयता स्वयं कमजोर करता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी सार्वजनिक मंच पर तथ्यों के आधार पर चर्चा के लिए तैयार है और भाजपा को भी अपने कार्यकाल में सामने आए इस प्रकरण पर जवाब देना चाहिए।

गोदियाल ने कहा कि भाजपा और बीकेटीसी के पदाधिकारी जानबूझकर मुद्दे को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रमोद नौटियाल की नियुक्ति वर्ष 2003 में हुई थी। वर्ष 2010 में भाजपा सरकार के दौरान उसके नियमितीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया और वर्ष 2014 में शासन स्तर पर उसे मंजूरी मिली। इसलिए नियुक्ति और नियमितीकरण को लेकर कांग्रेस पर लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से परे हैं।

उन्होंने कहा कि वास्तविक प्रश्न यह नहीं है कि किसी कर्मचारी की नियुक्ति कब हुई, बल्कि यह है कि बदरीनाथ धाम में दानराशि की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताएं किसके कार्यकाल में हुईं। यदि सीसीटीवी फुटेज में नोटों की गड्डियां गायब होने और मंदिर की दानराशि की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, तो इसकी जवाबदेही वर्तमान सरकार और मौजूदा बीकेटीसी प्रबंधन की बनती है।
गोदियाल ने आरोप लगाया कि भाजपा हर बड़े विवाद में अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले नौ वर्षों से भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार है। यदि उनके कार्यकाल से जुड़े किसी मामले में अनियमितता थी तो आज तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस न तो किसी तथ्य से भागती है और न ही किसी बहस से। यदि बीकेटीसी अध्यक्ष में साहस है तो वे किसी भी सार्वजनिक मंच पर आकर दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर चर्चा करें। कांग्रेस हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन भाजपा को भी बदरीनाथ चढ़ावा चोरी प्रकरण और मंदिर की दानराशि की सुरक्षा से जुड़े सवालों का जवाब देना होगा।
गोदियाल ने कहा कि देवभूमि की आस्था सर्वोपरि है।
मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दानराशि की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और मंदिर समिति की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

कमिश्नर ने शुरू की जॉच

गौरतलब है कि बदरीनाथ चंदा चोरी मामले में चमोली पुलिस 13 जुलाई को निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को जेल भेज चुकी है। जबकि शासन स्तर पर गठित कमेटी भी जॉच के लिए बदरीनाथ पहुंच रही है। कमिश्नर आनन्द स्वरूप मामले की जॉच करेंगे। शासन की जांच के दायरे में कौन कौन से प्रमुख बिंदु शामिल होंगे। यह देखना अहम होगा।

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