The post निर्दल विधायक उमेश के ‘इस्तीफे’ पर सवालों का सिलसिला जारी appeared first on Avikal Uttarakhand.
अब पनियाला बोले, सस्पेंड होने के डर से इस्तीफे का हाईवोल्टेज ड्रामा कर रहे उमेश कुमार
स्पीकर को अब उमेश कुमार की सदस्यता खत्म करनी ही होगी

अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के इस्तीफे के ऐलान पर सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस, उक्रांद, वामपंथी दल, चैंपियन, भड़ाना समर्थकों के अलावा उमेश के एक और प्रतिद्वंद्वी और पूर्व प्रत्याशी रविंद्र पनियाला ने वीडियो बयान जारी कर इसे “सस्पेंड होने से बचने का ड्रामा” करार दिया है।
जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र सिंह पनियाला ने कहा, “मैं मरा नहीं, जिंदा हूं।” उन्होंने कहा कि उमेश कुमार पिछले चार साल सरकार के रहमो-करम पर विधायक रहे हैं।
पनियाला ने दावा किया कि उन्होंने मई 2022 में दसवीं अनुसूची के तहत दल-बदल कानून में विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष पुख्ता सबूतों के साथ शिकायत दर्ज कराई थी। उनके मुताबिक, निर्दलीय विधायक के तौर पर चुनाव जीतने के बाद उमेश कुमार ने अपनी अलग पार्टी बनाई और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, जो कानूनन विधायकी समाप्त होने का आधार है।
“सरकार की मजबूरी रही कि उन्हें चार साल इस्तेमाल किया गया। अब जब मेरी शिकायत पर सारे तथ्य सही पाए गए हैं और विधानसभा अध्यक्ष को उन्हें हटाना ही पड़ेगा, तो सस्पेंड होने से एक दिन पहले इस्तीफे का ऐलान कर रहे हैं”।
किसानों के मुद्दे पर उन्होंने विधायक को घेरा। पनियाला ने कहा कि उमेश कुमार अब 120 करोड़ के बकाया और 2023 के बाढ़ मुआवजे की बात कर रहे हैं, लेकिन पांच साल में इसके लिए कोई आंदोलन नहीं किया। उन्होंने अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि 2010 में लक्सर बाढ़ के दौरान बतौर जिला सहकारी बैंक चेयरमैन उन्होंने 13.82 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में डलवाए थे।
पनियाला ने बिजली बिलों में कथित घोटाले का भी आरोप लगाया। कहा कि क्षेत्र में 3.5 किलोवाट के घरेलू कनेक्शन पर 20-25 हजार रुपये सिक्योरिटी के नाम पर वसूले जा रहे हैं, जिस पर विधायक ने चुप्पी साध रखी है।
उन्होंने कहा, “आपको पांच साल का जनादेश मिला था, बीच में भागने के लिए नहीं। अगर नैतिकता होती तो 2022 में ही इस्तीफा देकर दोबारा मैदान में आते। पता चल जाता कौन कहां खड़ा है।”
पनियाला ने दो टूक कहा कि इस्तीफा देकर भागना कायरता है। “दो महीने का कार्यकाल बचा है, पूरा करो। अबकी बार आमने-सामने की जंग होगी। नूरा-कुश्ती नहीं, वोट से फैसला होगा।”
उन्होंने कहा कि खानपुर का जनादेश उनके हाथ से छीना गया है। उन्होंने जनता से अपील की कि सोशल मीडिया पर ड्रामेबाजी करने वालों से सावधान रहें और अपने बीच के व्यक्ति को चुनें।
गौरतलब है कि मई 2022 में पनियाला व अन्य लोगों ने निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के नया दल बनाने का विरोध किया था। और स्पीकर को दल बदल कानून के तहत उमेश कुमार की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी।
लेकिन स्पीकर बीते चार साल से याचिका का परीक्षण ही करती रहीं। लेकिन कोई फैसला नहीं किया। स्पीकर के अनिर्णय की स्थिति की भी काफी आलोचना हुई।
इधर, 28/29 अक्टूबर को निर्दल विधायक उमेश कुमार ने स्पीकर को इस्तीफा सौंप दिया। लेकिन सार्वजनिक नहीं किया। चर्चा है कि विधायक उमेश कुमार का लगभग पूरा कार्यकाल होने के बाद स्पीकर ऋतु खंडूड़ी दल बदल याचिका पर फैसला ले सकती है। लिहाजा, रणनीतिकारों ने नई योजना के तहत उमेश कुमार को पहले ही इस्तीफा देने की सलाह दे डाली।
The post निर्दल विधायक उमेश के ‘इस्तीफे’ पर सवालों का सिलसिला जारी appeared first on Avikal Uttarakhand.
