काशीपुर, 31 अक्टूबर। युवाओं को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से बचाने और उन्हें खेलों के माध्यम से नई दिशा देने के उद्देश्य से कर्बला मैदान में आयोजित ‘नशा छोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो’ क्रिकेट प्रतियोगिता का शनिवार को शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे कांग्रेस प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव अरुण चौहान ने बल्लेबाजी कर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए खेल भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कर्बला मैदान में गूंजा खेल और सकारात्मक सोच का संदेश, पूर्व प्रदेश सचिव बोले- नशा छोड़कर खेलों में बनाएं अपना भविष्य
शुभारंभ के अवसर पर अरुण चौहान ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के सामने नशे की लत एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। युवा देश और समाज का भविष्य हैं, लेकिन नशे की गिरफ्त में आकर वे न केवल अपना जीवन खराब कर रहे हैं, बल्कि उनके परिवार भी इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि जीवन को बर्बादी की ओर ले जाने वाला रास्ता है।

उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ‘नशा छोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो’ केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का एक सार्थक अभियान है। ऐसे आयोजनों से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और उनकी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगती है। खेल व्यक्ति को अनुशासन, आत्मविश्वास, संघर्ष और लक्ष्य के प्रति समर्पण की सीख देते हैं।


अरुण चौहान ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि क्रिकेट सहित अन्य खेलों में भी युवाओं के लिए बेहतर भविष्य बनाने की अपार संभावनाएं हैं। जरूरत इस बात की है कि युवा गलत संगत और नशे से दूरी बनाकर अपनी मेहनत और प्रतिभा पर भरोसा करें। उन्होंने कहा कि आज मैदान में खेलने वाला कोई युवा कल प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकता है।

पूर्व प्रदेश सचिव ने युवाओं से अपील की कि वे नशे को जीवन से बाहर निकालें और खेलों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखने के लिए नशामुक्त वातावरण तैयार करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया कि नशे की लत इंसान को कमजोर बनाती है, जबकि खेल उसे आत्मविश्वास, पहचान और सफलता की राह दिखाते हैं। युवाओं को नशे से बचाकर खेलों से जोड़ने की ऐसी पहल समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत शुरुआत साबित हो सकती है।
