उत्तराखंड समानता पार्टी के अध्यक्ष डॉ. वी.के. बहुगुणा का इस्तीफा

उत्तराखंड समानता पार्टी के अध्यक्ष डॉ. वी.के. बहुगुणा का इस्तीफा
Spread the love

The post उत्तराखंड समानता पार्टी के अध्यक्ष डॉ. वी.के. बहुगुणा का इस्तीफा appeared first on Avikal Uttarakhand.

संगठनात्मक कमजोरी और निष्क्रियता बताई वजह

राजनीति से दूरी, लेकिन उत्तराखंड के मुद्दों पर सक्रिय रहने का ऐलान

300x250

जन विकास मंच और सेंटर फॉर रिसोर्स मैनेजमेंट ट्रस्ट के जरिए करेंगे काम

अविकल थपलियाल

देहरादून। उत्तराखंड समानता पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व वन अधिकारी डॉ. वी.के. बहुगुणा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी के महासचिव और कार्यकारिणी सदस्यों को भेजे दो पृष्ठों के पत्र में उन्होंने संगठन की कमजोर स्थिति, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता तथा अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिल पाने को अपने इस्तीफे का प्रमुख कारण बताया है।
पार्टी के महामंत्री को सम्बोधित अपने इस्तीफे में
उन्होंने कहा कि आत्ममंथन के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया है और उम्मीद जताई है कि पार्टी संगठन को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

पूर्व आईएफएस अधिकारी डॉ. बहुगुणा ने अपने पत्र में कहा कि वर्ष 2021 में उत्तराखंड समानता पार्टी की स्थापना राज्य की सांस्कृतिक अस्मिता, संवैधानिक मूल्यों और क्षेत्रीय हितों की रक्षा के उद्देश्य से की गई थी। अध्यक्ष के रूप में उन्होंने पार्टी को एक विश्वसनीय जन-आवाज बनाने के लिए अपना समय, अनुभव और ऊर्जा समर्पित की।

उनके अनुसार कार्यकाल के दौरान परिसीमन के आधार को भौगोलिक वास्तविकताओं से जोड़ने, सीमांत क्षेत्रों के लोगों के सशक्तिकरण, वन एवं सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों, नशा माफिया और सामाजिक चुनौतियों जैसे कई मुद्दों को सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनाने में पार्टी सफल रही।
हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि इन उपलब्धियों के बावजूद पार्टी जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन खड़ा नहीं कर सकी। उनके अनुसार अधिकांश पदाधिकारी और कार्यकर्ता संगठन विस्तार तथा जनसंपर्क अभियानों में अपेक्षित भूमिका नहीं निभा सके। कहा कि, अधिकतर रिटायर अधिकारी व कर्मचारी समय नहीं दे पाए। और धनाभाव की भी स्थिति बनी रही।

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का दायित्व सीमित लोगों के कंधों पर आ गया था, जिससे संगठन का विस्तार प्रभावित हुआ। संसाधनों और वित्तीय सहयोग की कमी के कारण युवाओं को भी पार्टी से जोड़ना कठिन रहा।

डॉ. बहुगुणा ने कहा कि उनका उत्तराखंड से रिश्ता केवल राजनीति तक सीमित नहीं है। भारतीय वन सेवा और विभिन्न सरकारी संस्थानों में कार्य करते हुए उन्होंने राज्य से जुड़े अनेक विकास कार्यों में योगदान दिया है। उन्होंने नदियों से गाद हटाने, वन स्वीकृतियों, प्राकृतिक संसाधनों के आकलन तथा विकास योजनाओं से जुड़े अपने कार्यों का भी उल्लेख किया।

इस्तीफे के साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सक्रिय राजनीति से दूरी बनाएंगे, लेकिन उत्तराखंड के जनहित, पर्यावरण संरक्षण, संतुलित विकास, सुशासन, सांस्कृतिक पहचान और राज्य की भौगोलिक अखंडता जैसे मुद्दों पर पहले की तरह सक्रिय रहेंगे। उन्होंने कहा कि अब वह सेंटर फॉर रिसोर्स मैनेजमेंट ट्रस्ट और उत्तराखंड जन विकास मंच के माध्यम से जनता की आवाज को संबंधित मंचों तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।
पत्र के अंत में डॉ. बहुगुणा ने पार्टी के सभी सहयोगियों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि उत्तराखंड समानता पार्टी आत्ममंथन कर अपने मूल उद्देश्यों और आदर्शों के अनुरूप संगठन को नई दिशा देगी।

The post उत्तराखंड समानता पार्टी के अध्यक्ष डॉ. वी.के. बहुगुणा का इस्तीफा appeared first on Avikal Uttarakhand.