काशीपुर। बेमौसमी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान के बाद महानगर कांग्रेस कमेटी की जिलाध्यक्ष अलका पाल ने सरकार से प्रभावित किसानों को ₹50 हजार प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि फसल बर्बाद होने से किसान आर्थिक संकट में हैं, लेकिन सरकार को नुकसान का वास्तविक आकलन कर किसानों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

अलका पाल ने कहा कि क्षेत्र में बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि के कारण धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर तैयार धान की फसल खेतों में गिर गई है, जबकि गन्ने की फसल भी प्रभावित हुई है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि सालभर मेहनत करने के बाद फसल बर्बाद होने से किसान परेशान हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।
उन्होंने फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए ड्रोन सर्वे के साथ-साथ जमीनी स्तर पर स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की। उनका कहना है कि खेतों में पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेने से ही किसानों के नुकसान का सही आकलन हो सकेगा और पात्र किसानों तक मुआवजे का लाभ पहुंचाया जा सकेगा।

अलका पाल ने कहा कि कई क्षेत्रों में किसानों का धान तैयार होने के बावजूद खरीद केंद्रों पर कांटे नहीं लग पाए हैं। ऐसे में तैयार फसल पर अचानक हुई बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। फसल गिरने से उत्पादन और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल स्थलीय सर्वे कराया जाए और नुकसान के आकलन के बाद किसानों को ₹50 हजार प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।
अलका पाल ने कहा कि किसानों की समस्याओं और उनके अधिकारों को लेकर कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने सरकार से किसानों के हित में शीघ्र निर्णय लेकर प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने की अपील की।
