बाजपुर। 27 जुलाई 2026 जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक निजी विद्यालय में जागरूकता शिविर आयोजित किया। इस दौरान कुमाऊंनी लोकपर्व भिटौली का सांस्कृतिक संदेश भी विद्यार्थियों तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा, महिला संरक्षण, बाल अधिकार और निशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर छात्रों को जागरूक किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ममता पंत के निर्देशन में लाल बहादुर शास्त्री स्कूल में आयोजित शिविर की शुरुआत भिटौली पर्व की परंपराओं और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए हुई। वक्ताओं ने बताया कि यह पर्व भाई-बहन के स्नेह, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। इसी के साथ विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश भी दिया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पीएलवी ब्रजवाला शर्मा ने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए छात्रों को सोशल मीडिया, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें तथा ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। डिजिटल अरेस्ट और फर्जी पुलिस अथवा कूरियर के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों से सतर्क रहने की सलाह देते हुए किसी भी साइबर अपराध की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर देने का आह्वान किया।


पीएलवी शिवानी दीपक ने छात्राओं को महिला सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, साइबर बुलिंग और सोशल मीडिया पर होने वाले उत्पीड़न से बचाव के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में महिला हेल्पलाइन 1090 तथा आपातकालीन सेवा 112 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
वहीं पीएलवी गीता शर्मा ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि महिलाएं, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग नालसा हेल्पलाइन 15100 अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से मुफ्त कानूनी सलाह एवं अधिवक्ता की सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य युवराज शर्मा ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। छात्रों ने भी साइबर अपराधों से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया। समापन पर विद्यार्थियों को जागरूकता संबंधी पंपलेट वितरित किए गए तथा भिटौली पर्व के अवसर पर प्रतीकात्मक उपहार भी प्रदान किए गए।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक सुरेश चंद्रा, नन्द किशोर भट्ट, उमा यादव, इंदु मेहता, हासमी एवं साजिया सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यालय प्रशासन ने कानून, सुरक्षा और संस्कृति को एक साथ जोड़कर आयोजित इस पहल को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।
