जसपुर, ऊधम सिंह नगर। उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच जसपुर विधानसभा क्षेत्र में नईम प्रधान की राजनीतिक गतिविधियां चर्चा में हैं। कांग्रेस में विभिन्न संगठनात्मक पदों पर जिम्मेदारी निभाने से लेकर आजाद समाज पार्टी में शामिल होने तक का उनका सफर अब क्षेत्रीय राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे रहा है। ग्राम पंचायत से लेकर राष्ट्रीय स्तर के संगठन में काम करने का अनुभव रखने वाले नईम प्रधान अब जसपुर विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क और सामाजिक मुद्दों के जरिए अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं।

युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष से राष्ट्रीय सचिव तक संभाली जिम्मेदारी, तीन राज्यों में रहे प्रभारी; दो बार ग्राम प्रधान और वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं नईम प्रधान
नईम प्रधान ने वर्ष 2016 में जसपुर विधानसभा क्षेत्र के युवा कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में राजनीतिक जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2018 में उन्हें युवा कांग्रेस का ऊधम सिंह नगर जिला अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद वर्ष 2021 में वह युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव बने। वर्ष 2021 से 2023 के बीच कांग्रेस संगठन ने उन्हें हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में प्रभारी की जिम्मेदारी भी सौंपी। इन पदों पर काम करने के बाद उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और आजाद समाज पार्टी में शामिल हो गए।

पंचायत की राजनीति से जिला पंचायत तक का सफर
नईम प्रधान का राजनीतिक अनुभव ग्रामीण स्तर पर भी रहा है। वह वर्ष 2014 से 2024 तक ग्राम गोलारगोजी में दो कार्यकाल तक ग्राम प्रधान रहे। वर्ष 2025 से वह जिला पंचायत सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधि के तौर पर उनके अनुभव और राजनीतिक संगठन में निभाई गई भूमिकाओं के चलते जसपुर क्षेत्र में उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

ग्राम स्तर पर लोगों की समस्याओं से जुड़ना और क्षेत्रीय जरूरतों को समझना स्थानीय राजनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी पृष्ठभूमि के बीच नईम प्रधान की मौजूदा सक्रियता को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

कुंडा की जनसभा में ग्रामीणों से संवाद
हाल ही में ग्राम कुंडा में आयोजित जनसभा में नईम प्रधान ने ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से बातचीत की। इस दौरान युवाओं के रोजगार, शिक्षा, क्षेत्रीय विकास और आम जनता की समस्याओं से जुड़े विषय सामने आए। सभा में मौजूद लोगों ने उनका स्वागत किया, जबकि कुछ समर्थकों और ग्रामीणों ने आगामी चुनाव में उन्हें विधायक के रूप में समर्थन देने की अपील की।
जनसभा के दौरान नईम प्रधान ने जनता की समस्याओं को समझने और उन्हें संबंधित मंचों पर उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना है कि राजनीति का उद्देश्य केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनता के बीच रहकर उनकी परेशानियों को सुनना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना होना चाहिए।

रोजगार, शिक्षा और सामाजिक विकास पर रहेगा फोकस?
जसपुर क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं, ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी विकास और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रमुख जनसरोकारों में शामिल हैं। इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।
नईम प्रधान की सक्रियता के साथ यह भी देखने वाली बात होगी कि वह इन सामाजिक मुद्दों को किस तरह आगे बढ़ाते हैं। जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं को सुनना, उन्हें उचित मंच पर उठाना और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास करना किसी भी जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है।
2027 में जसपुर से चुनाव लड़ने की तैयारी
कांग्रेस में विधानसभा स्तर से लेकर राष्ट्रीय संगठन तक जिम्मेदारियां निभाने के बाद आजाद समाज पार्टी में शामिल हुए नईम प्रधान अब जसपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हैं। हालांकि, वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की ओर से उनकी उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा होना अभी बाकी है।
आगामी समय में आजाद समाज पार्टी की चुनावी रणनीति, क्षेत्र में संगठन की स्थिति और नईम प्रधान की जनसंपर्क गतिविधियां जसपुर की राजनीति में उनकी भूमिका को स्पष्ट करेंगी। फिलहाल उनका राजनीतिक सफर और मौजूदा सक्रियता स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बनी हुई है।
जनसरोकार ही राजनीति की असली पहचान
लोकतंत्र में जनता की समस्याओं को सुनना, सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देना और विकास के अवसरों को हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास करना महत्वपूर्ण है। राजनीतिक अनुभव तभी सार्थक होता है, जब उसका उपयोग जनहित के मुद्दों को उठाने और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए किया जाए। जसपुर की जनता की निगाहें भी इस बात पर रहेंगी कि चुनावी चर्चाओं के बीच क्षेत्र के मुद्दों को कितनी प्राथमिकता मिलती है।
