जसपुर, 26 सितंबर। उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक हुनर परिषद में नई जिम्मेदारियां मिलने के बाद भाजपा नेता डॉ. यूनुस चौधरी के जसपुर पहुंचने पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। प्रदेश सरकार ने डॉ. यूनुस चौधरी को परिषद का उपाध्यक्ष और मुफ्ती शामून कासमी को अध्यक्ष नियुक्त किया है। नियुक्ति की खबर सामने आने के बाद से ही क्षेत्र में उनके समर्थकों द्वारा स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं।
अल्पसंख्यक हुनर परिषद के उपाध्यक्ष बनने के बाद जसपुर पहुंचे भाजपा नेता, फूल-मालाओं से हुआ जोरदार स्वागत; मुफ्ती शामून कासमी को अध्यक्ष की जिम्मेदारी

डॉ. यूनुस चौधरी के जसपुर पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी स्वागत स्थल पर पहुंच गए। भारी बारिश के बावजूद कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ और वे घंटों तक सड़क पर खड़े होकर अपने नेता का इंतजार करते रहे। जैसे ही डॉ. चौधरी का काफिला जसपुर पहुंचा, कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
हुनरमंद युवाओं को रोजगार से जोड़ना प्राथमिकता
उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक हुनर परिषद के माध्यम से प्रदेश में हुनरमंद युवाओं और जरूरतमंद लोगों को कौशल विकास, रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में काम किए जाने की उम्मीद है। परिषद के माध्यम से प्रशिक्षण के अवसरों की जानकारी जरूरतमंदों तक पहुंचाने, युवाओं के कौशल को रोजगार से जोड़ने, महिलाओं को कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने और पारंपरिक हुनर को आगे बढ़ाने जैसे विषय महत्वपूर्ण रहेंगे।


परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष मुफ्ती शामून कासमी ने कहा कि उत्तराखंड में प्रतिभा और हुनर की कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि हुनर को उचित प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि परिषद का प्रयास रहेगा कि युवाओं और हुनरमंद लोगों को रोजगारपरक प्रशिक्षण तथा स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे।

डॉ. यूनुस चौधरी ने जताया प्रदेश नेतृत्व का आभार
परिषद के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने पर डॉ. यूनुस चौधरी ने प्रदेश नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।
डॉ. चौधरी ने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए केवल पद नहीं बल्कि जनसेवा का अवसर है। उनका प्रयास रहेगा कि हुनरमंद युवाओं, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों को प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रभावी काम किया जाए। साथ ही सरकार की योजनाओं की जानकारी पात्र लोगों तक पहुंचाने और जनता की समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि परिषद की गतिविधियों को केवल शहरों तक सीमित रखने के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की आवश्यकता है। गांवों में मौजूद हुनरमंद युवाओं, महिलाओं और कारीगरों की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना महत्वपूर्ण होगा।
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के सामने होगी धरातल पर काम करने की चुनौती
परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति के बाद अब दोनों पदाधिकारियों के सामने योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने की चुनौती होगी। विशेष रूप से युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण, महिलाओं को कौशल विकास से जोड़ना, पारंपरिक कारीगरों के हुनर को बाजार उपलब्ध कराने तथा पात्र लोगों को संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर फोकस किया जा सकता है।
डॉ. यूनुस चौधरी ने कहा कि जनता का विश्वास और कार्यकर्ताओं का सहयोग उन्हें नई जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि वह अध्यक्ष मुफ्ती शामून कासमी के साथ मिलकर परिषद के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
डॉ. यूनुस चौधरी के स्वागत के दौरान जिस तरह भारी बारिश के बीच भी कार्यकर्ता घंटों तक सड़क पर डटे रहे, उससे उनके समर्थकों में नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साह साफ नजर आया। स्वागत कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने नवनियुक्त उपाध्यक्ष को फूल-मालाएं पहनाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
