सर्वारखेड़ा में गूंजा विकास का मुद्दा,डॉ. यूनुस चौधरी का जोरदार स्वागत

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काशीपुर, 5 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक हुनर परिषद के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद डॉ. यूनुस चौधरी का क्षेत्र में जनसंपर्क और स्वागत कार्यक्रम लगातार जारी है। इसी क्रम में सर्वारखेड़ा मंडी के निकट ग्राम सर्वारखेड़ा पहुंचे डॉ. यूनुस चौधरी का ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाकर जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को उनके सामने रखा और ग्राम पंचायत में सड़क निर्माण कार्य कराए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई।

ग्रामीणों ने कहा कि गांव की सड़क व्यवस्था को बेहतर किए जाने से स्थानीय लोगों, किसानों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को आवागमन में काफी राहत मिलेगी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि डॉ. यूनुस चौधरी अपनी नई जिम्मेदारी के माध्यम से क्षेत्र की समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाएंगे।

ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग उठाई, डॉ. यूनुस बोले—हुनर को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना प्राथमिकता

इस अवसर पर डॉ. यूनुस चौधरी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक हुनर परिषद का उद्देश्य केवल हुनर की पहचान तक सीमित नहीं, बल्कि हुनरमंद लोगों को प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल प्रशिक्षण दिलाने, पारंपरिक हुनर को बढ़ावा देने तथा हुनरमंद लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जा सकता है।

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उन्होंने कहा कि परिषद के माध्यम से पात्र लोगों को उपलब्ध सरकारी योजनाओं और कौशल विकास के अवसरों की जानकारी पहुंचाने, प्रशिक्षण से जोड़ने तथा हुनर को बाजार और रोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उनका कहना था कि जब किसी युवा के हाथ में हुनर और उस हुनर को रोजगार में बदलने का अवसर होता है, तो वह न केवल खुद आत्मनिर्भर बनता है बल्कि अपने परिवार और समाज को भी आर्थिक रूप से मजबूत करता है।

डॉ. यूनुस चौधरी ने ग्रामीणों की सड़क संबंधी मांग को भी गंभीरता से सुना और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं को संबंधित विभाग और सक्षम जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना और जनता की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

स्वागत समारोहों ने बढ़ाई सियासी हलचल

डॉ. यूनुस चौधरी को नई जिम्मेदारी मिलने के बाद जिस तरह लगातार विभिन्न क्षेत्रों में स्वागत कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, उसने क्षेत्र की राजनीति में भी चर्चाओं को तेज कर दिया है। खासकर अल्पसंख्यक समाज के बीच हो रहे स्वागत और जनसंपर्क को आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि किसी भी स्वागत कार्यक्रम को सीधे चुनावी समर्थन का प्रमाण मानना जल्दबाजी होगी, लेकिन लगातार बढ़ता जनसंपर्क और स्थानीय समस्याओं को लेकर लोगों का डॉ. यूनुस चौधरी से संवाद राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जरूर माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि नई जिम्मेदारी के जरिए डॉ. यूनुस चौधरी अल्पसंख्यक समाज के हुनरमंद युवाओं और जरूरतमंद लोगों को योजनाओं, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों से कितना जोड़ पाते हैं और इसका असर आने वाले समय में क्षेत्र की राजनीति पर किस रूप में दिखाई देता है।