काशीपुर। काशीपुर के विकास में पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता पंडित नारायण दत्त तिवारी के योगदान को याद करते हुए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राजू छीना ने कहा कि समाज के वास्तविक विकास की पहचान उन कार्यों से होती है, जिनका लाभ वर्षों तक आम जनता को मिलता है। उन्होंने कहा कि पंडित नारायण दत्त तिवारी ने अपने राजनीतिक जीवन में औद्योगिक विकास, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी। उनके कार्यों को केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि समाज के हित में किए गए योगदान के रूप में भी देखा जाना चाहिए।

राजू छीना ने उपलब्ध शिलालेख का हवाला देते हुए बताया कि 24 नवंबर 1983 को तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री पंडित नारायण दत्त तिवारी के करकमलों से शिलान्यास किए जाने का उल्लेख दर्ज है। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी भवनों पर लगे शिलापट काशीपुर के विकास से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों और उस दौर की विकास यात्रा की याद दिलाते हैं। ऐसे अभिलेख नई पीढ़ी को यह समझने का अवसर देते हैं कि क्षेत्र के विकास में किन लोगों और सरकारों की क्या भूमिका रही है।
शिलालेखों में दर्ज विकास की गाथा को याद कर बोले पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, जनहित के कार्यों को राजनीति से ऊपर रखने की जरूरत
उन्होंने कहा कि पंडित नारायण दत्त तिवारी का योगदान औद्योगिक संस्थानों की स्थापना, रोजगार के अवसर बढ़ाने, शिक्षा के विस्तार और विकास की आधारभूत संरचना को मजबूत करने जैसे विषयों से जुड़ा रहा है। काशीपुर में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और नगर पालिका परिषद को नगर निगम का दर्जा दिलाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों को भुलाया नहीं जा सकता। समाज को ऐसे जननेताओं के कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए, जिन्होंने विकास को जनकल्याण से जोड़कर देखा।

वर्तमान विधायक त्रिलोक सिंह चीमा पर निशाना साधते हुए राजू छीना ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के किसानों की समस्याओं और काशीपुर के विकास से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें जनता की समस्याओं को विधानसभा में प्रभावी ढंग से उठाकर उनके समाधान के लिए ठोस प्रयास करने चाहिए।
राजू छीना ने कहा कि किसानों की समस्याएं, रोजगार, शिक्षा, औद्योगिक विकास और नागरिक सुविधाएं किसी एक राजनीतिक दल के मुद्दे नहीं, बल्कि पूरे समाज के सरोकार हैं। इन विषयों पर राजनीति करने के बजाय सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का श्रेय लेने से अधिक जरूरी है कि जनता को यह बताया जाए कि वर्तमान में क्षेत्र के लिए क्या किया जा रहा है और भविष्य में कौन-सी योजनाएं धरातल पर उतरेंगी।
राजू छीना ने कहा कि इतिहास में दर्ज विकास कार्यों को याद करना केवल अतीत का गुणगान करना नहीं, बल्कि उनसे सीख लेकर वर्तमान और भविष्य को बेहतर बनाने का प्रयास है। पंडित नारायण दत्त तिवारी जैसे नेताओं के जनहितकारी कार्यों से प्रेरणा लेते हुए आज के जनप्रतिनिधियों को भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसेवा, जवाबदेही और जनहित ही राजनीति की असली कसौटी होनी चाहिए।
