40 लाख की देनदारी बनी हरदीप सिंह की हत्या की वजह,48 घंटे में पुलिस ने खोला राज, पति-पत्नी गिरफ्तार

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काशीपुर/कुंडा। हरदीप सिंह के ऊपर आरोपी की करीब 40 लाख रुपये की देनदारी बताई गई है। पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी पर हरदीप सिंह के 40 लाख रुपये बकाया थे और रकम वापस नहीं लौटानी पड़े, इसके लिए कथित तौर पर हत्या की साजिश रची गई। कुंडा थाना क्षेत्र के गौरा फार्म में हुई हरदीप सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले का पुलिस ने महज 48 घंटे में खुलासा करते हुए पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है।

रुपए वापस न लौटाने के लिए हत्या की साजिश रचने का पुलिस का दावा, लाइसेंसी पिस्टल, खोखा कारतूस और कार बरामद

पुलिस के अनुसार, संदीप सिंह उर्फ सोना ने रुपयों के लेन-देन के विवाद में हरदीप सिंह को गोली मारी। जांच के दौरान हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने और नष्ट करने के षडयंत्र में उसकी पत्नी संदीप कौर की भूमिका भी सामने आई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

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पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाया हत्याकांड

13 सितंबर 2026 को रजविन्दर कौर पत्नी सुखदेव सिंह निवासी गुलजारपुर ने अपने पुत्र हरदीप सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने की सूचना पुलिस को दी थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ऊधम सिंह नगर अजय गणपति के निर्देश पर पुलिस टीमों का गठन किया गया।

पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 274/2026, धारा 103(1), 238, 61(2) बीएनएस एवं 30 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में छानबीन, संदिग्धों से पूछताछ तथा वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।

लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी संदीप सिंह उर्फ सोना और उसकी पत्नी संदीप कौर को गिरफ्तार कर लिया।

40 लाख की देनदारी को लेकर हत्या का आरोप

पुलिस जांच में सामने आया कि हरदीप सिंह के आरोपी संदीप सिंह पर करीब 40 लाख रुपये बकाया बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इसी रकम को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। आरोप है कि रकम वापस करने से बचने के लिए हरदीप सिंह की हत्या की साजिश रची गई और उसे गोली मार दी गई।

हालांकि, 40 लाख रुपये की देनदारी और हत्या के पीछे इसी वजह को लेकर सामने आए तथ्यों की अंतिम पुष्टि विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया में होगी।

हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने का भी आरोप

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने और नष्ट करने के प्रयास किए गए। विवेचना में आरोपी की पत्नी संदीप कौर की भूमिका भी सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार किया गया है।

लाइसेंसी पिस्टल और कार बरामद

पुलिस ने मुख्य आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त लाइसेंसी पिस्टल, खोखा कारतूस और आरोपी की कार बरामद की है। बरामद सामान को विवेचना में शामिल किया गया है।

एसएसपी अजय गणपति का बयान

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने कहा कि हरदीप सिंह हत्याकांड को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीमों को जल्द से जल्द घटना का खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे। पुलिस टीमों ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया और 48 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि मामले में बरामद हथियार और अन्य साक्ष्यों को विवेचना में शामिल किया गया है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका

हत्याकांड के खुलासे में निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कुंडा, उपनिरीक्षक सौरभ कुमार, चौकी प्रभारी शिवराजपुर पट्टी, उपनिरीक्षक गोविन्द मेहता, चौकी प्रभारी गढ़ीनेगी, उपनिरीक्षक मनोज देव, चौकी प्रभारी मंडी, उपनिरीक्षक सोनू सिंह, चौकी प्रभारी सूर्या, उपनिरीक्षक नवीन चंद्र जोशी, अपर उपनिरीक्षक रविश राम, कांस्टेबल देवेन्द्र कुमार, संजय कुमार, गणेश मेहरा, भरत बिष्ट, राजीव कुमार और राजकुमार शामिल रहे।

पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।