श्री बदरीनाथ धाम चढ़ावा प्रकरण की जांच के आदेश

Spread the love

The post श्री बदरीनाथ धाम चढ़ावा प्रकरण की जांच के आदेश appeared first on Avikal Uttarakhand.

बीकेटीसी ने सोशल मीडिया का संज्ञान लिया

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई – हेमंत

300x250

तथ्यों की पुष्टि से पहले भ्रामक आरोपों से बचें : मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़

अविकल उत्तराखण्ड

श्री बदरीनाथ धाम/ देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा है कि सोशल मीडिया में श्री बदरीनाथ धाम में चढ़ावे एवं दान में कथित हेराफेरी के संबंध में जो आरोप लगाए गए हैं, उन्हें मंदिर समिति ने अत्यंत गंभीरता से लिया है।

इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथ्यपरक जांच के लिए जांच समिति गठित करने के आदेश दे दिए गए हैं। तथा स्पष्टीकरण तलब किया गया है।जांच पूर्ण होने के उपरांत यदि कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि सोशियल मीडिया में जिस कर्मचारी को उनका “निजी सचिव” बताया जा रहा है, वह उनका कोई निजी सचिव नहीं है। संबंधित कर्मचारी श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है तथा वैयक्तिक सहायक के रूप में पूर्व में भी मंदिर समिति के तीन अध्यक्षों के साथ कार्य कर चुका है। इसलिए सोशल मीडिया में उसके संबंध में प्रसारित किये जा रहे आरोप सही पाये जाते है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी

इधर, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि बदरीनाथ मंदिर से संबंधित जो प्रकरण गत 2 जुलाई शाम से सोशियल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उसमें प्राप्त कथित शिकायत के आधार पर बदरीनाथ मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की आज जांच करायी गयी है। उपलब्ध फुटेज में अपेक्षित स्पष्टता नहीं है, फिर भी विषय की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे मामले से बीकेटीसी अध्यक्ष को अवगत करा दिया गया है।

मुख्य कार्याधिकारी ने बताया कि अध्यक्ष के निर्देशों के अनुपालन में संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। साथ ही मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए एक आंतरिक जांच समिति गठित किए जाने संबंधी आख्या अध्यक्ष को प्रेषित की जा रही है।
समिति गठित होने के बाद वह सभी तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों एवं संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि कोई प्रतिकूल तथ्य या अनियमितता संज्ञान में आती है तो श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 तथा कर्मचारी आचरण नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप दोषियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।

मुख्य कार्याधिकारी ने कहा कि यह प्रकरण उत्तराखंड के विश्वविख्यात एवं करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्री बदरीनाथ धाम से जुड़ा हुआ है। इसलिए जब तक किसी भी आरोप की विधिवत जांच के माध्यम से पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक किसी भी प्रकार के अपुष्ट अथवा भ्रामक आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए। सभी से अपेक्षा है कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए संयम बरतें, ताकि पवित्र धाम की गरिमा एवं छवि पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

Pls clik

राम मंदिर दान चोरी – बदरी-केदार के चढ़ावे चोरी पर सतर्क निगाह

The post श्री बदरीनाथ धाम चढ़ावा प्रकरण की जांच के आदेश appeared first on Avikal Uttarakhand.