काशीपुर। ग्राम पंचायत बसई इस्लामनगर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पिछले करीब 25 से 30 वर्षों से बदहाल होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर पूर्व ग्राम प्रधानों के स्तर से भी समय-समय पर मांग उठाई जाती रही है। वहीं वर्तमान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ताहिर चौधरी की ओर से भी सड़क निर्माण के लिए संबंधित जनप्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्ताव एवं मांग रखे जाने की बात कही गई है। इसके बावजूद सड़क का स्थायी निर्माण नहीं हो सका है।

25-30 वर्षों से बदहाल मुख्य सड़क, ग्रामीणों ने उठाई स्थायी निर्माण की मांग
सड़क की खराब स्थिति के चलते हाल ही में स्कूली बच्चों को लेकर गांव पहुंची एक स्कूल बस सड़क पर फंस गई। काफी देर तक बस के फंसे रहने के बाद जेसीबी की मदद से उसे बाहर निकाला गया। इस दौरान बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा और वे समय पर स्कूल नहीं पहुंच सके।

ग्रामीणों के अनुसार, बसई इस्लामनगर में करीब एक हजार परिवार निवास करते हैं और गांव के लिए यह मुख्य मार्ग आवागमन का प्रमुख साधन है। सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों को रोजाना आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को परेशानी होने की बात ग्रामीणों ने कही है।


ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ताहिर चौधरी ने कहा कि बसई इस्लामनगर की मुख्य सड़क लंबे समय से खराब है और सड़क का निर्माण ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में शामिल है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर पूर्व में भी प्रयास किए गए हैं तथा उनकी ओर से भी संबंधित जनप्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्ताव और मांग रखी गई है। उन्होंने कहा कि सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है और स्कूल बस के फंसने की घटना भी चिंता का विषय है। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक एवं संबंधित विभाग से सड़क निर्माण की दिशा में जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिल सके।

बसई इस्लामनगर काशीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। वर्तमान में क्षेत्र के विधायक त्रिलोक सिंह चीमा हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग उठाए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग से सड़क की स्थिति का संज्ञान लेकर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। अब देखना यह है कि करीब 25-30 वर्षों से चली आ रही इस समस्या का समाधान कब होता है और ग्रामीणों को बदहाल सड़क से कब निजात मिलती है।
