जसपुर में डॉ. यूनुस चौधरी की बढ़ती सक्रियता,जनसमस्याओं के बहाने 2027 की सियासत में भी तेज हुई हलचल

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जसपुर, 28 अक्टूबर। जसपुर विधानसभा क्षेत्र में जनसमस्याओं को लेकर भाजपा नेता एवं उत्तराखंड अल्पसंख्यक हुनर परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. यूनुस चौधरी की सक्रियता लगातार चर्चा में है। क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को शासन तक पहुंचाने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और ग्रामीण आबादी को राहत दिलाने के लिए उनकी ओर से किए जा रहे प्रयासों ने उन्हें स्थानीय राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। वहीं, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान हो रहे स्वागत को आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

ढेला नदी के कटान का मुद्दा शासन तक पहुंचाया

ग्राम पंचायत बेतबाला में ढेला नदी का कटान स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। डॉ. यूनुस चौधरी के मुताबिक, नदी का कटान आबादी की ओर बढ़ रहा है, जिससे करीब पांच हजार परिवार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता, काशीपुर से पत्राचार करने के साथ फोन पर भी वार्ता की है। इसके अलावा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर भी समस्या से अवगत कराया गया है।

ढेला नदी के कटान से प्रभावित आबादी की सुरक्षा, सरकारी अस्पताल के उच्चीकरण और यूनानी चिकित्सकों की समस्याओं को लेकर शासन तक पहुंचाई आवाज; क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क से राजनीतिक चर्चाओं ने पकड़ा जोर

डॉ. चौधरी का कहना है कि आबादी को कटान से बचाने के लिए नदी किनारे पिचिंग का कार्य कराया जाना जरूरी है। उन्होंने इस दिशा में जल्द कार्रवाई कराने के प्रयासों की बात कही। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस समस्या के समाधान के लिए कितनी जल्दी कदम उठाता है।

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जसपुर के सरकारी अस्पताल की सुविधाएं बढ़ाने की मांग

क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डॉ. यूनुस चौधरी ने जसपुर के सरकारी अस्पताल को उप जिला चिकित्सालय घोषित करने की मांग उठाई है। उन्होंने अस्पताल को 50 बेड का बनाने और मल्टी-स्पेशियलिटी सुविधाओं से लैस करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

इसके साथ ही अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और महिला चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी शासन के समक्ष रखी गई है। डॉ. चौधरी के अनुसार, इन मांगों को लेकर संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में हैं।

स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर होने और अस्पताल का विस्तार होने से जसपुर तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकता है। फिलहाल, इन मांगों पर शासन की ओर से होने वाली कार्रवाई का इंतजार है।

यूनानी चिकित्सकों की समस्याओं पर भी पहल

डॉ. यूनुस चौधरी ने उत्तराखंड में यूनानी चिकित्सकों से संबंधित समस्याओं को लेकर भी चिकित्सा सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने संबंधित समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए पारंपरिक चिकित्सा पद्धति से जुड़े मुद्दों को शासन के संज्ञान में लाने की बात कही।

डॉ. चौधरी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं को सामने लाना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

जनसंपर्क के साथ बढ़ रही राजनीतिक सरगर्मी

विकास संबंधी मुद्दों पर सक्रियता के साथ डॉ. यूनुस चौधरी का क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क भी राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। जसपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण इलाकों और नगर क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रमों में उनके स्वागत को आगामी विधानसभा चुनाव के संभावित समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या भाजपा वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जसपुर सीट से डॉ. यूनुस चौधरी को अपना प्रत्याशी बना सकती है? हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक उनकी उम्मीदवारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में फिलहाल इसे राजनीतिक अटकलों के रूप में ही देखा जा रहा है।

आम आदमी पार्टी से लड़ चुके हैं विधानसभा चुनाव

डॉ. यूनुस चौधरी पहले आम आदमी पार्टी के टिकट पर जसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। इस चुनावी अनुभव के चलते क्षेत्र की राजनीति में उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं लगातार बनी हुई हैं। अब भाजपा में उनकी सक्रियता और क्षेत्र में बढ़ते जनसंपर्क को आगामी चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यदि भाजपा उन्हें जसपुर से प्रत्याशी बनाती है तो मुकाबले के राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है और कांग्रेस के सामने भी नई चुनौती खड़ी हो सकती है। हालांकि, किसी भी दल की चुनावी स्थिति का वास्तविक आकलन उम्मीदवारों की घोषणा, संगठन की तैयारी और जनता के रुझान के बाद ही संभव होगा।

फिलहाल जसपुर में डॉ. यूनुस चौधरी की सक्रियता के दो पहलू साफ दिखाई दे रहे हैं—एक ओर क्षेत्रीय समस्याओं को शासन तक पहुंचाने की कोशिशें और दूसरी ओर 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बढ़ती राजनीतिक चर्चाएं। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि उठाए गए जनहित के मुद्दों पर कितना काम होता है और भाजपा नेतृत्व जसपुर सीट को लेकर क्या रणनीति अपनाता है।

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