जसपुर। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर जसपुर में आयोजित समारोह में उत्तराखंड अल्पसंख्यक हुनर परिषद के उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री डॉ. यूनुस चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के जीवन दर्शन और उनकी शिक्षाओं को याद करते हुए कहा कि उनके विचार समाज को सत्य, सदाचार, समानता और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों को वाल्मीकि जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

डॉ. यूनुस चौधरी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना के माध्यम से भारतीय संस्कृति और समाज को अमूल्य धरोहर प्रदान की। उनकी रचनाओं में जीवन के आदर्श, कर्तव्यनिष्ठा, त्याग, मर्यादा और मानवीय मूल्यों का गहरा संदेश मिलता है। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, ज्ञान और सत्कर्म के माध्यम से व्यक्ति समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है।
जसपुर में वाल्मीकि जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए राज्य मंत्री डॉ. यूनुस चौधरी, बोले—महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं आज भी मानवता का मार्गदर्शन कर रही हैं
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का संदेश किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी शिक्षाएं संपूर्ण मानव समाज को सद्भाव और सामाजिक समरसता की राह दिखाती हैं। आज आवश्यकता है कि हम उनके आदर्शों को केवल आयोजनों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने व्यवहार और जीवन में भी उतारें।

‘समाज की असली ताकत आपसी सम्मान और भाईचारे में है’
डॉ. यूनुस चौधरी ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए आपसी विश्वास, प्रेम, सहयोग और सभी वर्गों के प्रति सम्मान की भावना बेहद जरूरी है। महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं हमें भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता को प्राथमिकता देने का संदेश देती हैं। उनके आदर्शों पर चलकर ही एक ऐसे समाज का निर्माण किया जा सकता है, जहां हर व्यक्ति को सम्मान मिले और सभी को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों।

उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का वास्तविक उद्देश्य उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। महर्षि वाल्मीकि का जीवन दर्शन आज भी सामाजिक एकता, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक बदलाव की दिशा में मार्गदर्शन करता है।
क्षेत्रवासियों को दीं शुभकामनाएं
इस अवसर पर डॉ. यूनुस चौधरी ने जसपुर सहित समस्त क्षेत्रवासियों को महर्षि वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सद्भाव लेकर आए। उन्होंने लोगों से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपनाने, समाज में भाईचारा मजबूत करने और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के विचार सदैव समाज को सही दिशा दिखाते रहेंगे और उनकी शिक्षाएं आने वाली पीढ़ियों को सत्य, कर्तव्य और मानवता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती रहेंगी।
